संवाददाता October 14, 2017

श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर में सिक्युरिटी फोर्स ने शनिवार को एनकाउंटर में लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकी कमांडर वसीम शाह और हफीज नासिर को मार गिराया। यह एनकाउंटर उस वक्त शुरू हुआ जब आर्मी के जवानों ने इन आतंकियों को घेर लिया। फायरिंग के दौरान एक स्थानीय नागरिक की मौत हो गई और एक जख्मी हो गया। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद ने बताया, “वसीम शाह कई आतंकी घटनाओं और आतंकियों की भर्तियों में शामिल था। इसका मारा जाना बहुत बड़ी कामयाबी है।” बता दें कि घाटी में इस साल अभी तक 171 आतंकी मारे जा चुके हैं। आतंकियों के छिपे होने का इनपुट मिला था…
कहां हुआ एनकाउंटर?
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, साउथ कश्मीर के पुलवामा जिले के लिटर गांव में शनिवार सुबह यह एनकाउंटर हुआ। यहां आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद सिक्युरिटी फोर्स ने पूरे इलाके को घेर लिया।
– जब ये आतंकी घिर गए तो इन्होंने ऑटोमेटिक वेपन्स से फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने जवाबी कार्रवाई की। आतंकियों के पास से एक AK-47 राइफल, एक AK-56 और 6 मैगजीन बरामद की गई हैं। बता दें कि सेना और पुलिस घाटी में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन क्लीन चला रही है।
– कश्मीर के आईजी मुनीर खान ने बताया- “पुलवामा में ऑपरेशन के दौरान सिक्युरिटी फोर्सेस और आतंकियों के बीच फायरिंग में एक नागरिक की मौत हो गई और एक जख्मी हो गया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने जवानों पर पत्थरबाजी भी की।”
कौन है वसीम शाह
– वसीम साउथ कश्मीर में एक्टिव था। यह बहुत ही खतरनाक था। इसी वजह से सिक्युरिटी एजेंसीस ने इसे A++ कैटेगरी में रखा था। इसे साउथ कश्मीर में ओसामा और वसीम लेफ्टी के नाम से भी जानते थे।
इस साल लश्कर-हिजबुल के 7 कमांडर मारे गए
– मई में सब्जार भट (हिजबुल):27 मई को सिक्युरिटी फोर्सेज ने कश्मीर में 2 एनकाउंटर को अंजाम दिया था। एक रामपुर सेक्टर तो दूसरा त्राल में। इस दौरान आर्मी ने 10 आतंकी मार गिराए। त्राल के एनकाउंटर में हिजबुल मुजाहिदीन का टॉप कमांडर सब्जार अहमद भट भी मारा गया था। सब्जार बुरहान वानी का उत्तराधिकारी था। बुरहान को सिक्युरिटी फोर्सेस ने पिछले साल 8 जुलाई को मार गिराया था।
– जून में जुनैद मट्टू (लश्कर):जून में सिक्युरिटी फोर्सेस ने साउथ कश्मीर के अरवानी गांव में एक और लश्कर कमांडर जुनैद मट्टू समेत तीन आतंकियों को मार गिराया था। मट्टू कुलगाम के खुदवानी गांव का रहने वाला था। वह 3 जून 2015 को लश्कर में भर्ती हुआ था। पिछले साल जून में वह BSF की बस पर हुए हमले में शामिल था। मट्टू ने जून 2016 में अनंतनाग के एक बिजी बस स्टैंड पर दिन दहाड़े 2 पुलिसवालों को भी गोली मार दी थी।
– अगस्त में अबु दुजाना (लश्कर):1 अगस्त को कश्मीर के पुलवामा में सिक्युरिटी फोर्सेज ने एक एनकाउंटर में लश्कर के टॉप कमांडर अबू दुजाना को भी मार गिराया था। वह ए कैटेगरी का आतंकी था। उस पर 10 लाख का इनाम था। लश्कर ने 2013 में आतंकी अबू कासिम की मौत के बाद दुजाना को कमांडर बनाया था।
– सितंबर में अब्दुल कयूम (हिजबुल): 26 सितंबर को लाइन ऑफ कंट्रोल के पास लच्छीपोरा इलाके में अब्दुल कयूम नजर को सिक्युरिटी फोर्सेस ने घुसपैठ के दौरान मार गिराया। उसे यहां हिजबुल कमांडर का चार्ज संभालने भेजा गया था।
– सितंबर में अबू इस्माइल: श्रीनगर में 14 सितंबर को सिक्युरिटी फोर्सेस ने लश्कर कमांडर अबू इस्माइल को मार गिराया था। अबू अनंतनाग में अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले का मास्टरमाइंड था। वह पाकिस्तान का रहने वाला था और 3 साल से कश्मीर में एक्टिव था। अनंतनाग अटैक में 5 महिलाओं समेत 7 अमरनाथ यात्रियों की मौत हो गई थी।
– अक्टूबर में जाहिद मीर (हिजबुल):साउथ कश्मीर के शोपियां में 9 अक्टूबर को फोर्स और आतंकियों के बीच एनकाउंटर हुआ था। तीन आतंकी मारे गए थे। इनमें से एक की पहचान जाहिद मीर के रूप में हुई थी।
– अक्टूबर: वसीम शाह (लश्कर):साउथ कश्मीर के पुलवामा जिले के लिटर गांव में एनकाउंटर हुआ। इसमें लश्कर का कमांडर वसीम शाह मारा गया।
कश्मीर में 183 जवान शहीद
– केंद्र सरकार ने एक आरटीआई के जवाब में बताया है कि पिछले तीन साल में कश्मीर में आतंकी घटनाओं में 62 नागरिकों की मौत हुई। इसी दौरान 183 जवान शहीद हो गए। यह आंकड़ा मई, 2014 से मई, 2017 तक का है। नोएडा के आरटीआई एक्टिविस्ट रंजन तोमर ने होम मिनिस्ट्री से आतंकवाद से जुड़े चार सवाल पूछे थे। इस पर होम मिनिस्ट्री ने जवाब दिया है।
चार सवाल कौन से और होम मिनिस्ट्री ने क्या जवाब दिया…

Q.मोदी सरकार के तीन साल में कितनी आतंकी वारदातें हुईं?
A. मई, 2014 से मई, 2017 तक 812 आतंकवादी घटनाएं हुईं। इनमें 62 नागरिक मारे गए। 183 जवान शहीद हुए।
Q.मनमोहन सरकार (यूपीए) के आखिरी तीन साल में कितनी आतंकी घटनाएं हुईं?
A. मई, 2011 से मई, 2014 के बीच में जम्मू एवं कश्मीर में 705 आतंकवादी घटनाएं हुईं। 59 आम नागरिक मारे गए। 105 जवान शहीद हुए।
Q.मनमोहन सरकार ने आतंकी घटनाओं से निपटने के लिए आखिरी तीन साल में कितना फंड जारी किया?
A. आतंकी घटनाओं से निपटने के लिए होम मिनिस्ट्री ने 850 करोड़ रुपए जारी किए गए। आंकड़ा मई, 2011 से मई, 2014 के बीच का है।
Q.मोदी सरकार ने अपने शुरुआती तीन साल में आतंकी घटनाओं को रोकने के लिए कितना फंड जारी किया?
A. 1,890 करोड़ रुपए जारी किए। यह आंकड़ा मई, 2014 से मई, 2017 तक का है।

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