वाराणसी. उत्तर प्रदेश चुनाव का हर चरण तकरीबन महत्वपूर्ण रहा और मतदान के बाद वाले चरण को प्रभावित किया, ऐसा सियासी पण्डितों का दावा है। पर आखिरी चरण इन सब में सबसे ज्यादा दिलचस्प है। इस चरण पर सबकी नजरें हैं। इसी चरण में प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस की आठ सीटों पर चुनाव है। इसी चरण में इस बार के सबसे चर्चित बाहुबली विधायक मोख्तार अंसारी परिवार की पैतृक सीट पर चुनाव होना हैं, जहां से उनके सबसे बड़े भाई सिब्गतुल्लाह अंसारी मैदान में हैं। इसके अलावा इसी चरण में मिनी मुख्यमंत्री के नाम से पुकारे जाने वाले जौनपुर की मल्हनी सीट से सपा विधायक ओर मंत्री पारसनाथ यादव का भी चुनाव है।

अन्तिम चरण की 16 महत्वपूर्ण सीटें

वाराणसी शहर दक्षिणी सीट से सपा कांग्रेस गठबंधन के तहत कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व सांसद राजेश मिश्रा मैदान में हैं। इबसपा से राकेश त्रिपाठी व बीजेपी से नीलकण्ठ तिवारी मैदान में हैं। इस सीट से कांग्रेस को सबसे ज्यदा उम्मीद है।

वाराणसी शहर उत्तरी सीट से बीजेपी विधायक रविन्द्र जायसवाल हैं। यहां से कांग्रेस ने पूर्व सपा विधायक अब्दुल समद अंसारी को टिकट दिया है। इस सीट पर बसपा ने सुजीत मौर्य को उतारा है, जो लड़ाई में हैं। राहुल अखिलेश रोड शो के बाद लड़ाई त्रिकोणीय हो गई है।

वाराणसी कैंट सीट पर बीजेपी ने विधायक ज्योत्सना श्रीवास्तव के बेटे सौरभ श्रीवास्तव को टिकट दिया है। इस सीट पर सौरभ के परिवार का 25 साल से लगातार कब्जा है। यहां से कांग्रेस ने 2012 के रनर अप प्रत्याशी अनिल श्रीवास्तव को टिकट दिया है। बसा से रिजवान अंसारी मैदान में हैं।

वाराणसी में सेवापुरी सीट से सपा पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री सुरेन्द्र पटेल मैदान में हैं। लगातार तीन बार चुनाव जीते हैं। इनके सामने मजबूत प्रत्याशी बीजेपी की सहयेगी पार्टी अपना दल के नील रतन पटेल नीलू हैं। बसपा से एनएचआरएम घोटाले के आरोपी महेन्द्र पाण्डेय मैदान में हैं।

जौनपुर की मल्हनी सीट से मिनी मुख्यमंत्री कहे जाने वाले सपा मंत्री पारसनाथ यादव हैं। यह मुलायम के इतने करीबी हैं कि मुलायम ने शिवपाल अपर्णा के अलावा तीसरा प्रचार इन्हीं के लिये किया है। इनके सामने चुनौती दे रहे निषाद पार्टी प्रत्याशी बाहुबली धनंजय सिंह।

जौनपुर की शाहगंज विधानसभा सीट से उर्जा मंत्री शैलेन्द्र यादव ललई सपा के टिकट पर मैदान में हैं। तीन बार से लगातार जीतते आए हैं। बसपा ने पूर्व मंत्री ओपी सिंह व बीजेपी की सहयोगी पार्टी भसपा के अजीत राणा यहां से प्रत्याशी।

गाजीपुर की मोहम्मदाबाद विधानसभा सीट पर बाहुबली मोख्तार अंसारी के सबसे बड़े भाई और वर्तमान विधायक सिब्गतुल्लाह अंसारी बसपा के टिकट पर मैदान में हैं। उनके खिलाफ सपा-कांग्रेस गठबंधन की ओर से डॉ. जनक कुशवाहा जबकि बीजेपी से स्व. कृष्णानंद राय की पत्नी व पूर्व विधायक अल्का राय मैदान में हैं।

गाजीपुर की जमानियां विधानसभा सीट पर सपा के मंत्री और अखिलेश के सबसे करीबी ओम प्रकाश सिंह मैदान में हैं। यहां बसपा ने मजबूत प्रत्याशी अतुल राय को मैदान में उतारा है। यहां से बीजेपी ने सुनीता सिंह को टिकट दिया है।

गाजीपुर की जहूराबाद सीट से अखिलेश ने विधायक शादाब फातिमा का टिकट काटकर साइकिल पंचर बनाने वाले के बेटे महेन्द्र चौहान को दे दिया है। इसी सीट से बीजेपी की सहयोगी पार्टी भासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर मैदान में हैं। यहां बसपा ने पार्टी के पूर्व विधायक कालीचरण राजभर को टिकट दिया है।

मिर्जापुर सदर सीट से सपा ने वर्तमान विधायक व मंत्री कैलाश चैरसिया को टिकट दिया है। यहां बीजेपी ने रत्नाकर मिश्रा को जबकि बसपा ने परवेज खान को टिकट दिया है।

मिर्जापुर की मड़िहान सीट पर कांग्रेस ने विधायक ललितेश पति त्रिपाठी को टिकट दिया है। बीजेपी के रामशंकर सिंह पटेल मैदान में हैं।

भदोही की ज्ञानपुर में सपा से टिकट न मिलने पर बाहुबली व लगातार विधायक रहे विजय मिश्रा निषाद पार्टी से मैदान में हैं। यहां सपा ने उनके खिलाफ पूर्व मंत्री रामरती बिंद को टिकट दिया है। बीजेपी ने महेन्द्र बिन्द को टिकट दिया है।

भदोहीं विधानसभा सीट से बसपा के पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्रा मैदान में हैं तो बीजेपी ने यहां से पूर्व बसपा विधायक रविन्द्र त्रिपाठी को टिकट दिया है। यहां से सपा ने विधायक जाहिद जमाल बेग को फिर टिकट दिया है।

सोनभद्र की दुद्धी विधानसभा क्षेत्र से बसपा ने गोंड समाज के बड़े नेता विजय सिंह गोंड को टिकट दिया है। ये लगातार सात बार विधायक रहे हैं। 1982 से। 2002 के फैसले के चलते विजय अनुसूचित जनजाति में चले गए और यह सीट अनुसूचित जाति की थी। 10 साल बाद एक बार फिर मैदान में हैं। यहां से कांग्रेस ने अनिल गोंड को उतारा है।

सोनभद्र की घोरावल सीट से यूपी में सबसे अधिक 1400 करोड़ का विकास कार्य कराने वाले सपा के विधायक रमेश दुबे प्रत्याशी हैं। इनके सामने बीजेपी के अनिल मौर्य हैं।

चंदौली की सैय्यदराजा विधानसभा सीट से दो-दो बाहुबली मैदान में हैं। बसपा ने बाहुबली विनीत सिंह को टिकट दिया है तो उनके खिलाफ बीजेपी से बाहुबली सुशील सिंह मैदान में हैं। इन दोनों को टक्कर दे रहे हैं सपा के विधायक मनोज सिंह डबलू। मनोज सिंह वही विधायक हैं जिन्होंने 2012 में सपा से बगावत कर चुनाव लड़ा और माफिया से माननीय बने बृजेश सिंह को हरा दिया।

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